मिर्गी के प्रकार

Types of Epilepsy in Hindi

दौरों के आधार पर मिर्गी के तीन प्रकार हैं, जो इस बात पर निर्भर करते हैं कि मस्तिष्क के किस हिस्से पर मिर्गी की गतिविधि शुरू हुई –

1. आंशिक दौरा(Partial Seizure) एक आंशिक दौरे का अर्थ है कि रोगी के मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में मिर्गी की गतिविधि हुई थी। आंशिक दौरे के दो प्रकार होते हैं –

  • सरल आंशिक दौरा  इस दौरे की अवधि में रोगी जागरूक रहते हैं। ज्यादातर मामलों में रोगी अपने परिवेश से भी अवगत रहते हैं, भले ही दौरा बढ़ रहा हो। 
  • जटिल आंशिक दौरा –  इसमें रोगी की चेतना ख़त्म हो जाती है। मरीज को आमतौर पर दौरे के बारे में याद नहीं रहता।

2. सामान्यीकृतदौरा (Generalized Seizure) –  एक सामान्यीकृत दौरा तब आता है, जब मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में मिर्गी संबंधी गतिविधि होती है। जब दौरा बढ़ जाता है, तो मरीज की चेतना ख़त्म हो जाती है।

  • टॉनिक-क्लोनिक दौरे–  ये सामान्यीकृत दौरे के शायद सबसे प्रसिद्ध प्रकार हैं। ये चेतना के लुप्त होने, शरीर के अकड़ने और कांपने का कारण बनते हैं।
  • एब्सेंस दौरे   इसमें चेतना थोड़े समय के लिए लुप्त हो जाती है और ऐसा लगता है, जैसे व्यक्ति अंतरिक्ष को घूर रहा हो।
  • टॉनिक दौरे  मांसपेशियाँ कठोर हो जाती हैं। इस दौरे में व्यक्ति नीचे गिर सकता है। 
  • एटोनिक दौरे  मांसपेशियों पर नियंत्रण में कमी, जिसके कारण व्यक्ति अचानक गिर सकता है।
  • क्लोनिक दौरे – ये दौरे नियत अंतराल के बाद लगने वाले झटकों के साथ संबद्ध हैं।

3. माध्यमिक सामान्यीकृत दौरे (secondary generalised seizure) – एक माध्यमिक सामान्यीकृत दौरा तब पड़ता है, जब मिर्गी संबंधी गतिविधि आंशिक दौरे के रूप में शुरू होती है, लेकिन फिर मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में फैल जाती है। जब दौरा बढ़ जाता है, तो मरीज अपनी चेतना खो देता है।

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