मिर्गी के लक्षण

Epilepsy Symptoms in Hindi

मिर्गी के मुख्य लक्षण दौरे पड़ना है। अलग-अलग व्यक्तियों में इसके लक्षण दौरों के प्रकार के अनुसार भिन्न होते हैं। 

– बात करते हुए दिमाग ब्लैंक हो जाना |

– मांशपेशियों  का अचानक धडकना या अकड़ना

– तेज रोशनी में आँखों में परेशानी का होना |

– अचानक बेहोश हो जाना |

– अचानक से मांसपेशियों का नियंत्रण खो देना |

– बेहोश हो जाना |

– मुंह में झाग आना |

– होठ या जीभ का कट जाना |

– आँखों की पुतलियों का ऊपर की तरफ खिंचना |

– अचानक गिर जाना |

– जीभ का दांतों के बीच में आना |

– महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान चक्कर आना |

– इनमे से एक लक्षण भी हों तो मिर्गी ही है |

1. फोकल (आंशिक) दौरे – एक साधारण आंशिक दौरे में चेतना को कोई खास नुकसान नहीं होता। इसके लक्षणों में निम्न शामिल है –

  • स्वाद, गंध, दृष्टि, श्रवण या स्पर्श इन्द्रियों में बदलाव, 
  • चक्कर आना,
  • अंगों में झनझनाहट महसूस होना इत्यादि।

2. जटिल आंशिक दौरे   इसमें जागरूकता या चेतना की क्षति शामिल है। अन्य लक्षणों में निम्न शामिल है –

  • एकतरफ नज़र टिकाये रखना, 
  • कोई प्रतिक्रिया न करना, 
  • एक ही गतिविधि को बार-बार दोहराना इत्यादि।

3. सामान्यीकृत दौरे – सामान्यीकृत दौरे में संपूर्ण मस्तिष्क शामिल होता है। इसके छह प्रकार हैं –

  • एब्सेंस दौरे (जिन्हें ‘पेटीट मल दौरे’ भी कहा जाता है) एकटक घूरते रहने का कारण बनते हैं। इस प्रकार के दौरे चटकारे लेना और आँखें झपकाने जैसी गतिविधियों को बार-बार दोहराने का कारण बन सकते हैं। आमतौर पर चेतना थोड़े समय के लिए लुप्त भी हो जाती है।  
  • टोनिक दौरे मांसपेशियों में अकड़न पैदा करते हैं। 
  • एटोनिक दौरे में मांसपेशियों पर नियंत्रण कम होता जाता है और व्यक्ति अचानक गिर सकता है।
  • क्लोनिक दौरों की पहचान चेहरे, गर्दन और बांह की मांसपेशियों में लगने वाले पुनरावृत्त झटकों से होती है।
  • मायोक्लोनिक दौरे के कारण हाथों और पैरों में स्वाभाविक रूप से तेज़ झनझनाहट होती है।
  • टॉनिक-क्लोनिक दौरों को ‘ग्रैंड मल दौरे’ कहा जाता था। इसके लक्षणों में शरीर में अकड़न, कम्पन या आंत्र नियंत्रण (Bowel Control) की हानि, जीभ को काटना, चेतना का लोप होना शामिल हैं।

दौरे के बाद आपको उसके बारे में याद नहीं रहता है या आप कुछ घंटों के लिए थोड़ा बीमार महसूस कर सकते हैं।

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